दिल्ली: भारत के पूर्व क्रिकेटर चेतना शर्मा के इस्तीफे के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड में चयनकर्ता का पद खाली है। जल्द ही इसके लिए आवेदन मांगे जाएंगे। जिसे लेकर भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने इच्छा जाहिर की है, लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी है। हरभजन ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर की सेवाएं लेने के लिए बीसीसीआई को मोटी रकम खर्च करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
चेतन शर्मा के स्टिंग ऑपेशन के बाद बीसीसीआई में भूचाल सा आ गया। जिस तरह उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों पर खुलासा किया उसकी कड़ी आलोचना की गई। नतीजा ये रहा कि चेतन शर्मा को टीम का चीफ सेलेक्टर पद छोड़ना पड़ा। अब बोर्ड ने नए चयनकर्ता की कवायद तेज कर दी है।
हेड कोच के बराबर होनी चाहिए सैलेरी
हरभजन सिंह ने एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि वो टीम का चीफ सेलेक्टर बनने के लिए तैयार हैं, लेकिन वो तभी इस जिम्मेदारी को स्वीकार करेंगे जब उन्हें सीनियर टीम के हेड कोच के बराबर सैलरी ऑफर की जाएगी।उन्होंने कहा कि, भारतीय टीम के हेड कोच की सैलरी चर्यनकर्ता से 7 गुनी है। अगर राहुल द्रविड़ जैसे व्यक्ति को कोच बनाया जाता है, तो चीफ सेलेक्टर का कद भी वही होना चाहिए- जिसकी आवाज और वजूद में दम हो। बता दें भारतीय पुरुष टीम के चीफ सेलेक्टर को सैलरी के रूप में हर साल एक करोड़ रुपए और चयन पैनल के अन्य सदस्यों को 90 लाख रुपए का भुगतान किया जाता है, जबकि सूत्रों के मुताबिक टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ को कथित तौर पर 7 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जाता है।
इस दौरान पूर्व गेंदबाज हरभजन सिहं ने चयनकर्ता के लिए वीरेंद सहवाग के नाम पर भी बात की। उन्होंने कहा, कि यदि बीसीसीआई मुख्य चयनकर्ता के रुप में सहवाग जैसा धाकड़ खिलाड़ी चाहते हैं, तो उन्हें मोटी रकम खर्चा करना पड़ेगा। हरभजन सिंह ने आगे कहा कि यदि आप पैसे खर्च नहीं करते हैं, तो आपको उन खिलाड़ियों में से चयनकर्ताओं को चुनना होगा, जिन्हें शायद सिर्फ 1 साल का ही क्रिकेट का अनुभवा हो और वो इतने धाकड़ और बड़े नाम न हो।