कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में हिंसा का मुख्य आरोपी ललन शेख केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में मृत पाया गया। आरोपी का शव सीबीआई के अस्थायी शिविर, अतिथि गृह के शौचालय में शाम करीब 4.30 बजे फंदे से लटकता मिला। आरोपी ललन शेख को चार दिसंबर को पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर एक स्थान से बोगतुई गांव में आगजनी और हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया था।
CBI सूत्र के मुताबिक, आरोपी बीरभूम के रामपुरहाट में सीबीआई द्वारा स्थापित एक अस्थायी कार्यालय में फंदे से लटकता पाया गया। सूत्र ने यह भी कहा कि यह आत्महत्या का मामला जैसा लग रहा है। हालांकि, उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उसकी मौत प्रताड़ना से हुई जो उसे सीबीआई हिरासत में दी गई थी। शेख के परिवार के सदस्यों ने मामले की जांच की मांग करते हुए दावा किया कि सीबीआई हिरासत में शेख को बुरी तरह से पीटा गया।
ललन शेख की बड़ी बहन ने पत्रकारों से कहा, मेरे भाई को कुछ दिन पहले हमारे गांव लाया गया था (जांच के तहत) और उसने हमें बताया कि सीबीआई अधिकारी हिरासत में उसकी पिटाई करते हैं। वह मरने से डर रहा था। हम उन सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं जो मेरे भाई की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।
वहीं, बीरभूम जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जल्द ही जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने मीडिया से कहा, मौत के पीछे का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है। हमें सीबीआई ने शाम लगभग 4.40 बजे मौत के बारे में सूचित किया था। हम मामले को देखेंगे। अधिकारियों ने यहां कहा कि एजेंसी ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और अदालत को सूचित कर दिया है।
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय नेता भादू शेख की 21 मार्च को हत्या के बाद हुई आगजनी और हिंसा में कम से कम 10 लोग मारे गए थे। सीबीआई कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच कर रही है।