श्रद्धा हत्याकांड पिछले कुछ दिनों से सुर्खियां बटोर रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पॉलीग्राफ टेस्ट में आरोपी आफ़ताब ने हत्या का आरोप कबूल कर लिया है। ऐसे में दिल्ली पुलिस आगे मामले को मजबूत करने के लिए नार्को टेस्ट का सहारा ले रही है। आज आफ़ताब का नार्को टेस्ट होना है। पुलिस आफताब को लेकर रोहिणी के बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल पहुंच गई है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इसकी परमिशन दे दी है।
अगर टेस्ट सही नहीं हुआ तो यह कदम उठाएगी पुलिस
जानकारों की मानें तो फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने नार्को टेस्ट की तैयारियां पूरी कर ली हैं। टेस्ट के दौरान एफएसएल की टीम के साथ डॉक्टर भी उपस्थित रहेंगे। अगर नार्को टेस्ट बेनतीजा रहा तो पुलिस आफताब का ब्रेन मैपिंग टेस्ट करने की मांग भी कर सकती है।
अब तक यहाँ पहुंची मामले की जांच
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने आफताब बताने के अनुसार जांच करते हुए अभी तक 13हड्डियां बरामद की हैं। श्रद्धा का जबड़ा मिलने की जानकारी भी मिली है। गुरुग्राम से भी कुछ बॉडी पार्ट रिकवर होने की बात सामने आई है। इन सैम्पल को जांच के लिए भेजा गया है।
जानिये क्या होता है नार्को टेस्ट
नार्को टेस्ट एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके ज़रिए इंसान को ट्रूथ सीरम दिया जाता है। मतलब एक खास तरह का इंजेक्शन जिसमें इंसान अपनी सोचने की प्रक्रिया को खत्म कर लेता है। वो बिल्कुल शून्य हो जाता है। इस सीरम को देने के लिए एक्सपर्ट की टीम और डॉक्टर्स की टीम की मौजूदगी अनिवार्य है। सीरम लगने के बाद शख्स से सवाल किया जाता है। वो सवालों के सही उतर देता है।