केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, यानी PFI पर चाबुक चलाया है । संगठन को अगले 5 साल के लिए बैन कर दिया गया है । इसके साथ ही 8 और संगठनों पर भी कार्रवाई की गई है । सभी के खिलाफ टेरर लिंक के पुख्ता सबूत सरकार को मिले हैं । केंद्र सरकार ने यह एक्शन UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट) के तहत किया है।
PFI से जुड़े इन संगठनों पर भी बैन
1. रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF)
2. कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI)
3. ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC)
4. नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO)
5. नेशनल विमेन्स फ्रंट
6. जूनियर फ्रंट
7. एम्पावर इंडिया फाउंडेशन
8. रिहैब फाउंडेशन
क्यों लगाना पड़ा बैन ?
सरकार की ओर से स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि, PFI और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। गृहमंत्रालय ने बताया, संगठनों की गतिविधियां देश की शांति और धार्मिक सद्भाव के लिए खतरा बन सकती हैं। इसके अलावा ये पता चला है कि, PFI और इससे जुड़े संगठन देश में आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं। सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार UAPA के तहत 5 साल का प्रतिबंध लगा रही है । ये कदम एजेंसियों की जांच के बाद उठाया जा रहा है।
एजेंसियों की ओर से दी गई रिपोर्ट
केन्द्र सरकार ने बताया कि PFI के कुछ फाउंडिंग मेंबर्स SIMI के लीडर्स थे। जिनका संबंध जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से मिला है । ये दोनों ही प्रतिबंधित संगठन हैं। एजेसियों की रिपोर्ट में ऐसी कई घटनाएं पाई गई हैं, जिनसे ये साफ होता है कि PFI के संबंध ISIS से हैं । इतना ही नहीं, ये भी पता चला है कि PFI ने अपने सहयोगी और फ्रंट बनाए थे, जिनका मकसद समाज में युवाओं, छात्रों, महिलाओं, इमामों, वकीलों और कमजोर वर्गों के बीच पैठ बढ़ाना था।
ताबड़तोड़ हुई थी रेड, 356 गिरफ्तारियां
पिछले दिनों NIA, ED और राज्यों की पुलिस ने PFIऔर उससे जुड़े संगठनों पर ताबड़तोड़ रेड मारी थी । पहले राउंड की छापेमारी में PFI से जुड़े 106 कार्यकर्ता अरेस्टे हुए थे। वहीं दूसरे राउंड की छापेमारी में 250 लोग अरेस्ट किए गए । जांच एजेंसियों को इस संगठन के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
16 साल पहले हुई थी शुरुआत, 23 राज्यों में फैला है जाल
आपको बता दें पॉपुलर फ्रंट इंडिया (PFI) का गठन साल 2006 में मनिथा नीति पसाराई और नेशनल डेवलपमेंट फंड नामके दो संगठनों ने मिलकर किया था । शुरुआत में ये संगठन दक्षिण भारतीय राज्यों में ही एक्टिव था, लेकिन अब इसकी जड़ें UP-बिहार समेत 23 राज्यों तक फैल चुकी हैं।