असम में हो रही नागरिकता की पहचान का काम शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय एनआरसी की अंतिम सूची जारी किया. सूची को लेकर लाखों लोगों के दिल की धड़कन अपने भविष्य को लेकर बढ़ी हुई हैं. हालांकि राज्य सरकार ने सूची में नाम नहीं आने पर लोगों को भयभीत न होने और हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है. आशंका जताई जा रही है कि सूची में नाम शामिल नही होने पर 41 लाख लोगों को बाहर किया जा सकता है. सरकार ने स्थिति को देखते हुए कई संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू किया है और राज्य में सुरक्षाबलों की 218 कंपनवियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. दरअसल उच्चतम न्यायालय ने साल 2013 में एनआरसी अपडेट करने का आदेश दिया था.
बता दें कि असम सरकार सूची में नाम न शामिल होने वाले लोगों के लिए विदेशी न्यायाधिकरण की स्थापना करेगा. जिससे कि उन लोगों को मामलों को निपटाया जा सके. अतिरिक्त मुख्य सचिव कुमार का कहना है कि ऐसे 200 न्यायाधिकरण स्थापित करने के लिए प्रक्रिया पहले से ही है और 200 से अधिक लोगों को बाहर रखा जाएगा.
असम के डीजीपी कुलाधर सैकिया का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि एनआरसी को अपडेट करने का काम काफी समय से चल रहा है और कई तरह की चुनौतियों के बीच पुलिस व्यवस्था बनाने में कामयाब रही है.