NIA बिल पर आज हुई वोटिंग के बाद विधेयक को सदन से पारित कर दिया गया है. प्रस्ताव के पक्ष में 278वोट पड़े, जबकि इसके खिलाफ 6वोट पड़े. विधेयक पर लाए गए सभी संशोधन प्रस्तावों को नामंजूर कर दिया गया.सरकार ने एनआईए बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि देश को आतंकवाद के खतरे से निपटना है, ऐसे में एनआईए संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय जांच एजेंसी को देशहित में मजबूत बनाना है. वित्तमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस विषय पर सदन में डिविजन होना चाहिए जिससे देश को पता चले कि कौन आतंकवाद के पक्ष में है और कौन इसके खिलाफ है.
स्पीकर ने सदन में डिविजन की इजजात दे दी और सदन में सभी सदस्यों को अपनी सीट पर जाने के लिए कहा गया. लोकसभा महासचिव ने बताया कि वोटिंग इलेक्ट्रॉनिक मशीन से नहीं, बल्कि पर्चियों के जरिए होगी. इसके बाद मत पर्चियां जमा कर दी गईं. जिसमें विधेयक के पक्ष में 278वोट पड़े जबकि विधेयक के खिलाफ सिर्फ 6वोट ही पड़े.
सरकार की ओर से कहा गया कि अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी को आतंकवाद, देश विरोधी गतिविधियों, मानव तस्करी तथा साइबर अपराधों की विदेश में जाकर जांच करने का अधिकार मिलेगा.इस बिल के पास होने से जांच एजेंसी को हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और साइबर क्राइम जांच संबंधी मामलों के देखने के लिए ज्यादा अधिकार मिल गए हैं. एनआईए को इस तरह के मामलों की जांच का अधिकार देकर देशहित में उसकी भूमिका को अहम बनाया गया है.