Parliament Winter Session: केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर ने विपक्ष के सवालों को जवाब देते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर काम कर रही है। कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। कांग्रेस नेता ने पूछा था कि क्या केंद्र सरकार ने MSP को कानूनी अधिकार बनाने की किसानों की मांग पर कोई निर्णय लिया है।
केन्द्र सिफारिशों पर कर रही काम- कृषि मंत्रि
लोकसभा में बोलते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि सुधारों पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट UPA शासन-काल के दौरान आई थी। लेकिन, यह मोदी सरकार थी जिसने इसकी सिफारिशों पर काम करना शुरू किया और MSP को उत्पादन लागत से पचास प्रतिशत अधिक तय किया। सरकार किसानों की इस मांग पर प्राथमिकता के साथ काम किया जा रहा है।
आगे बोलते हुए नरेन्द्र तोमर ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित विभिन्न मुद्दों की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक समिति गठित की गई थी। समिति ने इन मुद्दों पर अब तक 30 से 35 बैठकें की हैं। उन्होंने लोकसभा को बताया कि समिति की सिफारिशें अभी आनी बाकी हैं।
100 सिफारिशों पर किया जा रहा काम- नरेन्द्र तोमर
उन्होंने कहा कि अब तक स्वामीनाथन आयोग ने 201 सिफारिशें की थीं। इन सिफारिशों में 100 सिफारिशों पर केन्द्र सरकार काम कर रही है। इनमें सबसे मुख्य सिफारिश एमएसपी को लेकर थी। स्वामीनाथन ने कहा था कि लागत (उत्पादन) पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर एमएसपी घोषित किया जाना चाहिए।