Dhirendra Krishna Shastri: मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में शुक्रवार को दर्शन करने पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण, हिंदू एकता और जातिगत भेदभाव को लेकर अपनी बात रखी। दर्शन के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्मांतरण के प्रयासों के पीछे विदेशी ताकतें काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग अलग-अलग तरीकों से धर्मांतरण कराने में जुटे हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं चलने दिया जाएगा। उनका दावा था कि हिंदू एकजुट होंगे और भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें विभिन्न स्थानों पर धन मुहैया कराकर लोगों को बहकाने और उनका धर्म बदलवाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने हिंदुओं को गुमराह करने वालों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की ठठरी भी बरेगी और गठरी भी बरेगी। उन्होंने कहा कि इस बात में किंचित मात्र संदेह नहीं है कि हिंदू एकजुट होंगे।
सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा को वैचारिक यात्रा बताया
सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के बारे में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक यात्रा है। उन्होंने इसे ‘राम नैतिक’ यात्रा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को भगवान राम और उनकी विचारधारा से जोड़ना है। उनके अनुसार, भगवान राम ने सभी समुदायों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया और भेदभाव तथा छुआछूत को स्थान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “हरि को भजे सो हरि को होई, जात पात पूछे नहीं कोई।” शास्त्री ने कहा कि यदि भारत से सनातन समाप्त हो जाएगा, तो देश के अस्तित्व पर भी संकट आ जाएगा। उन्होंने लोगों से विदेशी ताकतों के प्रभाव में आकर दंगे, अशांति और सांप्रदायिक तनाव नहीं फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को देश और सेना के साथ खड़ा रहना चाहिए। अशांति फैलने पर विदेशी ताकतें भारत का मजाक उड़ाएंगी और गृह युद्ध जैसे हालात पैदा करने की कोशिश कर सकती हैं।
जाति के नाम पर समाज को बांटने पर जताई आपत्ति
जातिगत राजनीति पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक लोग अपने हित साधने के लिए जाति के नाम पर बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति करना गलत नहीं है, लेकिन अगड़े-पिछड़े के नाम पर लोगों को बांटना और आपस में लड़ाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, अच्छे राजनेता का उद्देश्य देश और राष्ट्र के लिए काम करना होना चाहिए, न कि समाज में टकराव बढ़ाना।
धर्मातरण और आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का किया उल्लेख
धर्मांतरण के मुद्दे पर धीरेंद्र शास्त्री ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि धर्मांतरण करने वालों को आरक्षण या उनके पास मौजूद अन्य अधिकारों और सुविधाओं से अलग करने का आदेश दिया गया है। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने धर्मांतरण के प्रयासों में विदेशी ताकतों और पीएफआई की ओर से धन मुहैया कराए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दोहराया कि देश में धर्मांतरण नहीं चलने दिया जाएगा और हिंदुओं को एकजुट रहना चाहिए।