नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। मनोहर लाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के बिजली क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर दोनों नेताओं के बीच विस्तार से चर्चा हुई।
मनोहर लाल ने बताया कि मुलाकात के दौरान जलविद्युत परियोजनाओं, स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (LADF) और राज्य को मिलने वाली मुफ्त बिजली के हिस्से के एवज में नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र (REC) से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। इसके अलावा NHPC और SJVN की विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।
जलविद्युत परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा
हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख जलविद्युत राज्यों में शामिल है। ऐसे में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता के प्रभावी इस्तेमाल और नई परियोजनाओं के विकास को लेकर हुई यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बातचीत में जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रमुखता से रखा गया।
इसके साथ ही स्थानीय क्षेत्र विकास निधि यानी LADF से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बिजली परियोजनाओं से प्रभावित स्थानीय क्षेत्रों के विकास और उनसे जुड़े प्रावधानों को लेकर यह विषय महत्वपूर्ण है।
REC और बिजली हिस्सेदारी का मुद्दा
मुलाकात में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली निःशुल्क बिजली के हिस्से के एवज में नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र (REC) से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा केंद्र की प्रमुख बिजली कंपनियों NHPC और SJVN की हिमाचल प्रदेश में चल रही विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित मामलों को भी बैठक में उठाया गया।
मनोहर लाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विद्युत क्षेत्र की क्षमता को प्रभावी ढंग से विकसित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बिजली क्षमता का बेहतर उपयोग करने और विद्युत क्षेत्र से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मनोहर लाल और सुखविंदर सिंह सुक्खू की इस मुलाकात को हिमाचल प्रदेश के बिजली क्षेत्र से जुड़े लंबित और महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय के लिहाज से अहम माना जा सकता है।