लखनऊ: अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के नाम पर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। 2 सितंबर को उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। मंदिर की व्यवस्था में बदलाव और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए CEO का पद बनाया गया है।
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। वह 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से रिटायर हुए थे। अपने 38 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली। वह वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख भी रह चुके हैं।
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर कई महत्वपूर्ण अभियानों और जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। उन्होंने कारगिल युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर में भी अहम भूमिका निभाई थी। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।
उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, ASTE में चीफ टेस्ट पायलट, दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग और एयर मुख्यालय में डायरेक्टर समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वह ASTE के कमांडेंट और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ जैसे पदों पर भी रह चुके हैं। मौजूदा जिम्मेदारी से पहले वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ थे।
मंदिर ट्रस्ट में क्यों हुआ बदलाव?
राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव का फैसला मंदिर में बड़े पैमाने पर दान की चोरी के आरोपों के बाद लिया गया। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को हटाया गया था। ट्रस्ट की व्यवस्था को नए तरीके से संचालित करने के लिए CEO नियुक्त करने का फैसला किया गया था। CEO पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे, पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र, रिटायर्ड IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और पूर्व IPS अधिकारी परेश सक्सेना के नाम भी चर्चा में थे। हालांकि, अंत में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति बनी।
राम मंदिर ट्रस्ट में 3 नए ट्रस्टी भी नियुक्त
CEO की नियुक्ति से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति भी की। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। बताया गया है कि महेश भागचंदका विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। ट्रस्ट की अहम बैठक में तीनों की नियुक्ति को लेकर चर्चा हुई थी।