चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जब कोई गरीब थाने में आए, कोई मां अपने बेटे को बचाने की गुहार लगाए या कोई युवा सही रास्ता तलाश रहा हो, तो केवल कानूनी प्रक्रिया से निपटने के बजाय मानवीय संवेदना से भी व्यवहार करें।
एक जनसभा में संबोधित करते हुए सीएम सैनी ने जोर दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए पुलिस का रवैया संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने #DrugsFreeHaryana अभियान के तहत नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई को जारी रखने के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करने पर बल दिया।
पुलिस को दी नसीहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य न सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई करना है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सहारा देना भी है। विशेषकर नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए काउंसलिंग, पुनर्वास और परिवारों के साथ संवाद पर जोर दिया जा रहा है। हरियाणा में नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने व्यापक अभियान चलाया है। इसमें पुलिस, प्रशासन और सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ाई गई है। सीएम सैनी ने पुलिस को निर्देश दिया कि छोटी-छोटी शिकायतों पर भी संवेदनशीलता दिखाएं, ताकि आमजन का विश्वास मजबूत हो।
राज्य में नशे के ख़िलाफ़ अभियान
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में नशे के खिलाफ अभियान जोरों पर है। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ समय में नशे के कारोबारियों पर सख्त एक्शन लिया गया है, जिससे युवाओं को सही दिशा मिल रही है। कानूनी सख्ती के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने से न सिर्फ अपराध दर कम होगी बल्कि पुलिस-जनता संबंध भी बेहतर होंगे। हरियाणा सरकार विभिन्न जिला स्तर पर डी-एडिक्शन सेंटर्स और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चला रही है।
सीएम सैनी के इस संदेश ने प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। विपक्ष इसे चुनावी वादा बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इसे जनसेवा की नई मिसाल मान रहा है। हरियाणा में शांतिपूर्ण और विकासोन्मुखी माहौल बनाने के लिए सरकार की यह पहल युवाओं और गरीबों के हित में बताई जा रही है।