सपा-बसपा ने पीएम के खिलाफ तेज बहादुर को वाराणसी के मैदान में उतारा था लेकिन उनको नामांकन किन्ही कारणों से रद्द होने की वजह से अब सपा-बसपा के पास कोई उम्मीदवार नही है.
अब ऐसा माना जा रहा है कि सपा एक बार फिर से अपनी पुरानी उम्मीदवार शालिनी को मैदान में उतार सकते हैं.शालिनी ने नामांकन पहले हि दाखिल कर रखा है. दरअसल तेज बहादुर से पहले अखिलेश यादव ने शालिनी को अपनी उम्मीदवार घोषित किया था.शालिनी यादव कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुई है.
सेना से बरखास्त किए गए तेज बहादर ने पहले निर्दलीय प्रत्याशी होकर पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की ताल ठोका था.इसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें सपा उम्मीदवार घोषित कर दिया. सपा के प्रत्याशी के रुप में उन्होनें दुसरा नामांकन किया. तेज बहादुर द्वारा दाखिल दो नामांकन की वजह से नामांकन पत्रों में बीएसएफ से बर्खास्तगी की दो अलग-अलग जानकारी सामने आई थी.
तेज बहादुर का कहना है कि उनका नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया है. मुझे सबूत देने के लिए कहा गया था, मैंने सबूत दिए भी. इसके बावजूद मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया. अब हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.