जम्मू; जम्मू-कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को संपन्न होगी। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसकी औपचारिक घोषणा की। उपराज्यपाल ने बताया कि इस बार अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी, जो पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा अधिक समय की है। यात्रा की तिथियों का निर्णय श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मनोज सिन्हा ने की।
15 अप्रैल से शुरू होगा पंजीकरण
यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है, जो 15 अप्रैल से शुरू होगा। श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकेंगे। देशभर में लगभग 556 अधिकृत बैंक शाखाओं के जरिए अग्रिम पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। ऑनलाइन पंजीकरण श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकेगा। वहीं ऑफलाइन पंजीकरण के लिए Yes Bank, ICICI Bank, Punjab National Bank, State Bank of India और Axis Bank की शाखाएं सुविधा प्रदान करेंगी।
आयु सीमा तय, स्वास्थ्य मानक जरूरी
इस वर्ष यात्रा के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य मानकों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है, क्योंकि यात्रा कठिन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरती है।
दो मार्गों से होगी यात्रा
अमरनाथ यात्रा इस बार भी दो प्रमुख मार्गों से संचालित की जाएगी। पहला, पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से शुरू होने वाला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा मार्ग है। दूसरा, बालटाल से शुरू होने वाला लगभग 14 किलोमीटर लंबा मार्ग है, जो छोटा जरूर है लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला माना जाता है।
19 जून को होगी पहली पूजा
यात्रा से पहले 19 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र गुफा में पहली पूजा आयोजित की जाएगी, जिसे यात्रा की औपचारिक शुरुआत का संकेत माना जाता है। इस घोषणा के साथ ही देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है और प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।