Bihar Mews: सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं, जो बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। आज पटना में उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र भरा, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा जैसे प्रमुख नेता मौजूद रहे।
नीतीश ने ख़ुद बताया क्यों गए राज्यसभा?
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे राज्यसभा जाना चाहते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद और विधानमंडल के सभी चार सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा, राज्यसभा) का हिस्सा बनना उनकी अधूरी इच्छा थी, जो अब पूरी हो रही है। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा, जबकि वे बिहार के विकास के संकल्प पर कायम रहेंगे।
बिहार में 10 बार सीएम रहने का रिकॉर्ड
यह फैसला विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के महज चार महीने बाद आया है, जब नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभाला था। राज्यसभा जाने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे, जिससे बिहार में नया मुख्यमंत्री बनेगा। सूत्रों के अनुसार, इस बार बीजेपी से मुख्यमंत्री बनने की संभावना मजबूत है, क्योंकि गठबंधन में भूमिका बदल रही है। जेडीयू से उपमुख्यमंत्री रह सकता है।
अब कौन बनेगा बिहार का नया सीएम
अगले मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे मौजूदा डिप्टी CM सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। वे बीजेपी के प्रमुख चेहरे हैं और पिछड़े वर्गों में मजबूत पकड़ रखते हैं। अन्य संभावित नामों में विजय सिन्हा, नितिन नवीन और कुछ अन्य बीजेपी नेता शामिल हैं, लेकिन सम्राट चौधरी को फ्रंटरनर माना जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में नीतीश के बेटे निशांत कुमार को जेडीयू से डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है, ताकि पार्टी का ओबीसी चेहरा मजबूत रहे और परिवार की राजनीतिक विरासत बनी रहे।
बिहार की राजनीति में नीतीश युग का अंत
यह बदलाव बिहार की राजनीति में ‘नीतीश युग’ के अंत का संकेत है। जेडीयू में कुछ असंतोष भी दिख रहा है, लेकिन एनडीए गठबंधन मजबूत बने रहने की उम्मीद है। नीतीश दिल्ली से मार्गदर्शन देंगे, जबकि पटना में नई टीम सत्ता संभालेगी। बिहार के भविष्य पर इस फैसले का गहरा असर पड़ेगा।