Har Ghar Tiranga campaign: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक ‘तिरंगा यात्रा उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान खट्टर ने तिरंगे के महत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और नशामुक्त भारत की दिशा में किए गए प्रयासों पर जोर दिया।
खट्टर ने किया कटाक्ष
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा कि “कुछ लोगों ने तिरंगे पर कब्जा कर लिया था। वे साल में एक-दो बार तिरंगा हाथ में लेकर घूमते थे।” लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए तिरंगे को हर भारतीय के घर तक पहुंचाया और उसे आम जनता से जोड़ने का कार्य किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री ने तिरंगा प्रेम को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। खट्टर ने कहा कि तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। यह वह प्रतीक है जिसमें हमारे शहीदों के पार्थिव शरीर को लपेटा जाता है, जो हर भारतीय के हृदय में गौरव और सम्मान का भाव भर देता है।
नशा मुक्ति की दिलाई शपथ
मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से समाज में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। उन्होंने ‘नशामुक्त भारत’ अभियान को सबसे प्रभावी बताया और युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और देश निर्माण में भागीदार बनें।
इस अवसर पर एमडीयू के कुलपति डॉ. राजबीर सिंह ने तिरंगा हाथ में लेकर नशा मुक्ति का संकल्प लिया। उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. शरणजीत कौर भी मौजूद रहीं। खट्टर ने कुलपति दंपति से आग्रह किया कि वे अपने शेष कार्यकाल में पूरी निष्ठा के साथ विश्वविद्यालय की सेवा करें और उसके बाद कोई निजी कार्य न लें।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करते हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।