संसद का मानसून सत्र ‘विजयोत्सव’ की तरह, हिंसा पर संविधान की हो रही जीत: पीएम मोदी

Narendra Modi, Prime Minister

(नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यह सत्र एक ‘विजयोत्सव’ की तरह है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सांसद देश की सुरक्षा और विकास के इस उत्सव को एक स्वर में अभिव्यक्त करेंगे। सत्र शुरू होने से पहले संसद परिसर में बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि “बम और बंदूक के सामने संविधान की जीत हो रही है।” उन्होंने कहा कि नक्सलवाद तेजी से कम हो रहा है और ‘रेड जोन’ धीरे-धीरे ‘हरित विकास क्षेत्र’ में तब्दील हो रहा है।

मानसून सत्र की शुरुआत और महत्वपूर्ण बैठकें

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं। प्रधानमंत्री ने इसे देश के लिए गर्व का सत्र बताया और कहा कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और विधेयक पारित किए जाएंगे जो विकास और सुरक्षा की दिशा में मील के पत्थर साबित होंगे।

ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने मात्र 22 मिनट में आतंकवादियों को मार गिराया और उनके ठिकानों को जमींदोज कर दिया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन ने पूरी दुनिया को भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक ताकत का परिचय दिया है। इसके बाद बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों में जाकर आतंकवाद के आकाओं को बेनकाब कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों की इस राष्ट्रहित में हुई कार्रवाई के लिए सराहना की।

आतंकवादी हमले और नक्सलवाद पर नियंत्रण

प्रधानमंत्री ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया और आतंकवाद के केंद्र की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। पीएम मोदी ने माओवादी और नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की निर्णायक कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लाल गलियारे अब हरित विकास क्षेत्रों में बदल रहे हैं। देश के कई जिले नक्सलवाद की पकड़ से मुक्त हो चुके हैं और सुरक्षा बल नक्सलवाद के उन्मूलन के लक्ष्य के साथ नए उत्साह के साथ काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा संविधान जीत रहा है।”

आर्थिक प्रगति और सामाजिक सुधार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब भारत कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं में था। आज देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने महंगाई दर को दो अंकों से घटाकर लगभग दो प्रतिशत बताया, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है। भरपूर बारिश ने कृषि को मजबूती दी है, और जलाशयों का स्तर पिछले दस वर्षों की तुलना में तीन गुना बढ़ गया है, जो अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है।

विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष में प्रगति

पीएम मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा फहराने का जिक्र करते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश में उत्साह और उमंग है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदन इस उपलब्धि की सराहना करेंगे।

डिजिटल इंडिया और सामाजिक सुरक्षा

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में देश में शांति और विकास साथ-साथ बढ़ रहे हैं। उन्होंने डिजिटल इंडिया और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) जैसे कार्यक्रमों की सराहना की, जो देश की डिजिटल क्षमताओं को दर्शाते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की रिपोर्ट की भी तारीफ की, जिसमें बताया गया कि अब 90 करोड़ से अधिक भारतीय सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भारत को नेत्र रोग ‘ट्रैकोमा’ से मुक्त घोषित किए जाने को देश के स्वास्थ्य प्रयासों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

संसद में एकता और विकास की अपील

पीएम मोदी ने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक मतभेद भूलकर देश हित में एकता और एक स्वर में काम करें। उन्होंने कहा, “देश ने एकता की ताकत देखी है और संसद में भी यही दिखना चाहिए। हमारा संविधान जीत रहा है। उन्होंने आशा जताई कि मानसून सत्र में सभी सदस्य भारत की सैन्य शक्ति, आर्थिक प्रगति, सामाजिक सुरक्षा और विकास को मजबूती देने वाले मुद्दों पर एकजुट होकर काम करेंगे।

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