Seva Sankalp Campaign: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से देशभर में एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी, एनडीए के घटक दल, स्वयंसेवी संगठन और देश की जनता मिलकर इस अभियान को 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाएंगे। अभियान को देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से लेकर जिले, लोकसभा-विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
इस बार एक महीने का होगा अभियान
अमित शाह ने कहा कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा सप्ताह के रूप में मनाती रही है। गुजरात में भी इस तरह के कार्यक्रम होते थे और कई जगह इन्हें एक सप्ताह तक चलाया जाता था। लेकिन इस बार सेवा संकल्प अभियान की अवधि बढ़ाकर एक महीने कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष इसके पीछे एक विशेष उद्देश्य भी है। 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 साल पूरे हो रहे हैं। शाह ने कहा कि देश में बहुत कम नेता ऐसे हैं, जिन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 25 साल तक जनसेवा की हो।
अमित शाह ने कहा कि PM मोदी का लगातार चुनाव जीतकर आना और जनता का उनके नेतृत्व पर बार-बार भरोसा जताना बड़ी उपलब्धि है। उनके मुताबिक, लगातार 25 साल तक राज्य और राष्ट्र के कल्याण के लिए जनसेवा का यह सिलसिला जारी रखना भी महत्वपूर्ण है।
हर बूथ तक पहुंचेगा सेवा संकल्प अभियान
गृह मंत्री ने कहा कि बीजेपी और एनडीए के सभी घटक दलों ने मिलकर इस अभियान को पूरे देश में चलाने का फैसला किया है। इसका दायरा केवल बड़े शहरों या जिलों तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, जिले, लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ बूथ स्तर तक अभियान पहुंचाया जाएगा।
2014 के बाद की राजनीति पर शाह ने गिनाईं उपलब्धियां
अमित शाह ने कहा कि 2014 से पहले राष्ट्रीय राजनीति भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद से जूझ रही थी। उनके अनुसार, 2014 से 2026 के दौरान देश इन मुद्दों से आगे बढ़कर ‘काम-काज पर आधारित राजनीति’ की ओर बढ़ा है। उन्होंने मजबूत विदेश नीति का जिक्र करते हुए कहा कि रक्षा और विदेश नीति में ‘India First’ मुख्य सिद्धांत है और भारत के हित सबसे ऊपर हैं।
उन्होंने कहा कि भारत फ्रैजाइल फाइव की श्रेणी से निकलकर टॉप 5 अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा है। हाल के आंकड़ों का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि 7.8 फीसदी की GDP विकास दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे आगे है। उन्होंने भारतीय भाषाओं को मिल रहे उचित सम्मान का भी उल्लेख किया।
आंतरिक सुरक्षा को लेकर अमित शाह ने अनुच्छेद 370, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर की स्थिति जैसे तीन पुराने मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों ने करीब पांच दशकों तक देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया था और इन्हें हल किया गया है।
वहीं शाह ने कहा कि देश से चुन-चुनकर एक-एक घुसपैठिए को निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि कई राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया गया है और भरोसा जताया कि 2029 से पहले BJP के नेतृत्व वाले NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा।
आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया और कहा कि इन अभियानों ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति स्थापित की है। इससे पहले एशियाटिक सोसाइटी में ‘गणेश ज्ञानार्थी’ विशेष पांडुलिपि प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने कहा था कि भारत के ज्ञान को खत्म करने की कोशिश हुई।