CJP Protest Ends: (नई दिल्ली): NEET-UG 2026 विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे चली बैठक के बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि आंदोलन में शामिल छात्रों और अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दिल्ली सहित अन्य राज्यों में दर्ज मामलों को भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या थी आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद सौरव दास ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, इसलिए संगठन सद्भावना के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला इस विश्वास के साथ लिया गया है कि तय समय-सीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू किया जाएगा।
बैठक के दौरान जिन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, उनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और आंदोलन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस लेना शामिल है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी आंदोलन में शामिल किसी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
चार सप्ताह बाद फिर होगी समीक्षा बैठक
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी जानकारी दी गई कि चार सप्ताह बाद CJP प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच एक और बैठक होगी। इस बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने तथा परीक्षा प्रणाली में आवश्यक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। दोनों पक्षों ने माना कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए परीक्षा व्यवस्था में प्रभावी सुधार जरूरी हैं।
सोनम वांगचुक ने बताया लोकतंत्र की जीत
आंदोलन समाप्त होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार के फैसले और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है और इसके लिए CJP की पूरी टीम, स्वयंसेवकों, देशभर के छात्रों, युवाओं और उन सभी नागरिकों को बधाई दी जानी चाहिए जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जिस तरह शांति और संयम बनाए रखा गया, वह सराहनीय है। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सुधार केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि शासन व्यवस्था में भी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़नी चाहिए। उनके अनुसार देश प्रेम, विश्वास और न्याय के रास्ते पर आगे बढ़े, यही इस पूरे आंदोलन का सबसे बड़ा संदेश है।