चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ में ‘हरियाणा विजन-2047’ के एक्शन प्लान के अंतर्गत कृषि, बागवानी, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र को अगले 5 वर्षों में अधिक आधुनिक, टिकाऊ और किसान-केंद्रित बनाना है।
5 साल में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य
बैठक में सीएम सैनी ने कहा कि ‘विकसित हरियाणा’ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार ने अगले 5 वर्षों में प्रदेश के किसानों को बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए किसानों को जागरूक करने, प्रशिक्षण देने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करके मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बचाना और किसानों की लागत घटाना सरकार की प्राथमिकता है।
जीरो बजट खेती को मिलेगा बढ़ावा
सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती के साथ-साथ जीरो बजट खेती को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जीरो बजट खेती से न केवल उत्पादन लागत कम होगी बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। इसके लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों की मदद से किसानों को नई तकनीक की जानकारी दी जाए।
आधुनिक तकनीक से बदलेगी खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार कृषि की आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए किसानों के साथ हर कदम पर खड़ी है। ड्रिप इरिगेशन, स्मार्ट फार्मिंग, ड्रोन तकनीक और फसल विविधीकरण जैसी योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन को कृषि के साथ जोड़कर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत भी विकसित किए जाएंगे।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने पिछले वर्षों की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया। सीएम सैनी ने कहा कि ‘हरियाणा विजन-2047’ को सफल बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय से काम करें और योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचे यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
सरकार का मानना है कि प्राकृतिक और जीरो बजट खेती को बढ़ावा देकर न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि हरियाणा कृषि के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल भी बनेगा।