नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर देशभर के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में राज्यों की तैयारियों, सुरक्षा उपायों और आपूर्ति श्रृंखला की समीक्षा की जाएगी। यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री सीधे मुख्यमंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित होगी। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत सभी कदमों की समीक्षा करना है। बैठक में आपात योजनाओं, ऊर्जा आपूर्ति और जरूरी संसाधनों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
तैयारियों और तालमेल पर फोकस
बैठक में राज्यों की तैयारियों का आकलन किया जाएगा और संकट से निपटने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा होगी। केंद्रीय और राज्य सरकारें सुरक्षा, आपूर्ति और स्थानीय व्यवस्थाओं को लेकर अपनी तैयारियों का ब्यौरा साझा करेंगी। इससे राज्यों के बीच तालमेल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं होंगे। आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इन्हें बैठक से अलग रखा गया है।
मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक
मंत्रिमंडल सचिवालय चुनाव वाले राज्यों – तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक करेंगे। इसका उद्देश्य वहां की तैयारियों और स्थानीय योजनाओं की स्थिति का आकलन करना है।पश्चिम एशिया में तनाव 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद बढ़ा। इसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए, जिससे क्षेत्रीय हालात और गंभीर हो गए।