नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों के बीच एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश में ईंधन की उपलब्धता और सप्लाई की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमिटी बनाई है।
कमिटी की अध्यक्षता अमित शाह करेंगे
तीन सदस्यीय इस कमिटी की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कमिटी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी शामिल किया गया है। यह कमिटी देश में ईंधन की आपूर्ति पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल फैसले लेगी।
कमिटी में शामिल मंत्री:
अमित शाह – केंद्रीय गृह मंत्री (अध्यक्ष)
एस. जयशंकर – विदेश मंत्री
हरदीप सिंह पुरी – पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री
शहरों में गैस एजेंसियों पर बढ़ी भीड़
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और भोपाल जैसे बड़े शहरों में हाल ही में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिली हैं। लोग सिलेंडर भरवाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट के कुछ देशों में चल रहे युद्ध और तनाव की खबरें हैं। इससे आम जनता में यह डर बढ़ गया है कि आने वाले समय में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है या कीमतें बढ़ सकती हैं। इस घबराहट में लोग समय से पहले गैस स्टॉक कराने के लिए दौड़ रहे हैं, जिससे बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
सरकार ने आशंकाओं को खारिज किया
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात का भारत की घरेलू सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा और गैस की आपूर्ति पहले की तरह सामान्य रूप से जारी रहेगी। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग करने से बचें। देश की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।