(नई दिल्ली): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और स्पेन का साझा रुख है। उन्होंने जोर दिया कि आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकारों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए दोनों देशों को अपने संसाधनों और क्षमताओं का समन्वय करना चाहिए।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह विचार स्पेन के विदेश मामलों, यूरोपीय संघ सहयोग मामलों के मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस के साथ राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाकात के दौरान व्यक्त किए।
सदियों पुराने हैं भारत–स्पेन संबंध
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच संबंध सदियों पुराने हैं, जो व्यापार, संस्कृति और लोकतंत्र व बहुलतावाद के साझा मूल्यों से समृद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश बहुपक्षवाद के प्रबल समर्थक हैं और संयुक्त राष्ट्र, जी20 जैसे मंचों पर मिलकर काम कर सकते हैं, ताकि वैश्विक शांति, समृद्धि और स्थिरता के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके।
आर्थिक सहयोग और निवेश की व्यापक संभावनाएं
राष्ट्रपति मुर्मू ने दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ते आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए व्यापार और निवेश के बढ़ते अवसरों का उल्लेख किया। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाओं और रक्षा-एयरोस्पेस क्षेत्रों में स्पेन की मजबूत स्थिति भारत की विकास प्राथमिकताओं की पूरक है।
भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौते से मजबूत होंगे संबंध
राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने से भारत और स्पेन के बीच व्यापारिक संबंध और अधिक सशक्त होंगे। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और वित्त वर्ष 2023–24 में भारत–ईयू द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय नेतृत्व का स्वागत
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम अपने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।”
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे। दोनों पक्ष अगले दिन बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा करेंगे।