नई दिल्ली: केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के साथ विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को एक कार्यक्रम में लोमड़ी और बगुले की प्रसिद्ध कहानी का जिक्र कर गहरा संदेश दिया। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो में इस लोककथा का उल्लेख किया, जिसका शीर्षक है- “एक लोमड़ी और बगुले की कहानी तथा उसका संदेश”।
यह कहानी पारंपरिक रूप से धोखे, चालाकी और प्रकृति के नियमों पर आधारित है, जहां लोमड़ी अपनी चतुराई से बगुले को ठगने की कोशिश करती है। इसके लिए लोमड़ी सारे नियम-कानून और शर्तें उसी अनुसार बनाती है। ताकि उसकी चालाकी सफल हो सके। इससे बगुला ख़ुद को ठगा हुआ महसूस करता है।
चालाकी और धोखा करने वालों से सतर्क रहने की सलाह
मनोहर लाल ने इस कथा के माध्यम से लोगों को प्रतिस्पर्धा के इस युग में चालाक और धोखेबाज लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही यह भी संदेश दिया कि चालाकी और धोखे का सहारा लेने वाले अंततः स्वयं ही हानि उठाते हैं। उन्होंने इसे वर्तमान संदर्भों से जोड़ते हुए लोगों को ईमानदारी, धैर्य और नैतिक मूल्यों पर चलने की सलाह दी।
मंच से सुनाया संदेश
वीडियो में मनोहर लाल ने मंच पर खड़े होकर विस्तार से कहानी सुनाते नजर आ रहे हैं, जिसमें वे लोमड़ी की चालाकी और बगुले की सादगी के बीच के विरोधाभास को रेखांकित करते हैं। यह बयान उनके व्याख्यान शैली का हिस्सा था, जो अक्सर लोककथाओं और पौराणिक उदाहरणों से प्रेरित होता है। ताकि जटिल संदेश सरल तरीके से जनता तक पहुंचे। उन्होंने इस कहानी के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि किस तरह से ऐसे प्रवृत्ति के लोगों से सावधान रहकर प्रतिस्पर्धा के युग में आगे बढ़ना है, क्योंकि प्रतिस्पर्धा जीतने की चाह रखने वाले लोग नियम एयर कानून सब अपने हिसाब से बनाते हैं।