सहकारिता के ज़रिये किसानों को खुशहाल बना रही मोदी सरकार: अमित शाह

(चंडीगढ़): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से किसानों को खुशहाल बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि खेती के आधार को मजबूत कर सहकारिता आंदोलन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर सरकार का विशेष ध्यान है।

पंचकूला में कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) द्वारा आयोजित ‘सहकारिता से खुशहाली – टिकाऊ खेती में सहकारिता की भूमिका’ विषय पर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि नई कृषि नीति खेती में पानी और रसायनों के उपयोग को कम करने पर केंद्रित है, ताकि खेती को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।

सहकारिता के माध्यम से रोज़गार और आय पर जोर

अमित शाह ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि खेती और पशुपालन सबसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्र हैं और यदि इन्हें सहकारिता से जोड़ा जाए, तो न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सहकारिता आंदोलन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। शाह ने गुजरात के अमूल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सहकारी संस्था हर वर्ष लगभग 36 लाख महिलाओं को करीब 90,000 करोड़ रुपये का भुगतान करती है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बल मिला है।

‘भारत टैक्सी’ ऐप जल्द होगा लॉन्च

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय एक या दो महीने में कैब सेवाओं से संबंधित डिजिटल ऐप ‘भारत टैक्सी’ शुरू करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में टैक्सी सेवाओं में निजी कंपनियों का दबदबा है, जहां मुनाफा मालिकों को जाता है, जबकि ड्राइवरों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।

शाह ने कहा, “देश में ड्राइवरों, तिपहिया चालकों और युवाओं का बड़ा वर्ग है, जो अपनी मोटरसाइकिल और वाहन से टैक्सी सेवा देते हैं। ‘भारत टैक्सी’ के जरिए वाणिज्यिक वाहन चालकों की निजी कंपनियों पर निर्भरता खत्म की जाएगी और मुनाफे का पूरा लाभ सीधे चालकों को मिलेगा।”

उन्होंने पहले लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर का उल्लेख करते हुए बताया कि यह डिजिटल ऐप सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाएगा, जो बहु-राज्यीय सहकारी सोसायटी है और एमएससीएस अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत है।

कृषि और ग्रामीण बजट में बड़ा इजाफा

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले देश का कृषि बजट 22,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह, ग्रामीण विकास बजट को 80,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.87 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन कदमों से किसानों की आय बढ़ाने की ठोस नींव रखी गई है।

शाह ने कहा कि मिट्टी की सेहत, जल संरक्षण, संस्थागत ऋण, बाजार तक पहुंच, उत्पाद प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के माध्यम से देश तेजी से टिकाऊ खेती की ओर बढ़ रहा है।

हरियाणा में सहकारिता का नया अध्याय

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरियाणा खेती और सहकारिता के क्षेत्र में नए अध्याय लिख रहा है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 24 फसलों की खरीद करने के लिए नायब सिंह सैनी सरकार की सराहना की और कहा कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खातों में किया जा रहा है।

इस अवसर पर अमित शाह ने पंचकूला से वर्चुअल माध्यम से मिल्क कूलिंग सेंटर, सलेमपुर (भिवानी) संयंत्र और जटूसाना (रेवाड़ी) में हैफेड आटा मिल का उद्घाटन किया। उन्होंने हरियाणा के सहकारी बैंकों के लाभार्थियों को रूपे प्लैटिनम डेबिट कार्ड भी वितरित किए। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (आईवाईसी) के दौरान की जा रही गतिविधियों को दर्शाने वाले एक पोर्टल का भी उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अमित शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले 15 वर्षों में देश में अमूल जैसी कम से कम 20 बड़ी सहकारी संस्थाएं होंगी, जो किसानों और ग्रामीण समुदाय के लिए समृद्धि का माध्यम बनेंगी।

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