CM Saini at ISBTI Golden Jubilee: (गुरुग्राम): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को गुरुग्राम में आयोजित आईएसबीटीआई (भारतीय रक्त संक्रमण एवं प्रतिरक्षा विज्ञान संस्था) के स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। यह आयोजन संस्था के 50 वर्षों की सेवा को समर्पित था, जिसे ट्रांसकॉन 2025 नाम दिया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से चिकित्सा विशेषज्ञ, रक्त बैंक अधिकारी और स्वैच्छिक रक्तदान से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए।
आईएसबीटीआई के योगदान को सराहा
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि आईएसबीटीआई ने पिछले पांच दशकों में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने, रक्त बैंकों की गुणवत्ता सुधारने, और सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा यह संस्था जनसेवा का प्रतीक है और इस आयोजन में भाग लेना मेरे लिए गर्व की बात है।”
अतीत से भविष्य की ओर
इस वर्ष सम्मेलन का विषय था अतीत से भविष्य की ओर” जिसमें संस्था की अब तक की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और समाधान पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने रक्त जांच, रक्त मिलान, और रक्त की उपलब्धता से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
तकनीक और पर्यावरण की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय की मांग है कि हम नई तकनीकों जैसे कृत्रिम रक्त, स्वचालित जांच प्रणाली, और सटीक रक्त मिलान को अपनाएं। उन्होंने यह भी बताया कि देश का पहला ऐसा चिकित्सा सम्मेलन है, जिसमें “हरित पहल (Go Green)” को अपनाया गया है।
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में 149 रक्त केंद्र कार्यरत हैं और इस वर्ष 3 लाख 30 हजार यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार द्वारा ब्लड बैंकों के आधुनिकीकरण और सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य किया जा रहा है।
सम्मेलन से मिलेगी नई दिशा
तीन दिवसीय यह सम्मेलन ब्लड ट्रांसफ्यूजन और प्रतिरक्षा विज्ञान के क्षेत्र में नए शोध, तकनीकी विकास और नीतिगत बदलावों पर मंथन का अवसर बना। मुख्यमंत्री ने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और आईएसबीटीआई को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।