Parliament Winter Session Live: संसद के शीतकालीन सत्र में संविधान पर चर्चा का आज दूसरा दिन है। पहले दिन चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी और विपक्ष की ओर से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भाग लिया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा में संविधान पर चल रही बहस का जवाब दे सकते हैं।
पहले दिन लोकसभा में राजनाथ सिंह ने संविधान को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोलते हुए कहा था कि कुछ लोगों ने ये मान लिया था कि संविधान एक ही पार्टी की देन है, लेकिन ये कई महान हस्तियों की मेहनत का परिणाम है। कांग्रेस लगातार संविधान के साथ खिलवाड़ करती रही। इंदिरा गांधी से लेकर अब तक कई बार संविधान को बदलने की कोशिश हुई।
रक्षा मंत्री ने कहा, पार्टी विशेष द्वारा संविधान निर्माण के काम को हाईजैक करने की कोशिश हमेशा देखी गई। संविधान बनाने से जुड़ी यह सब बातें लोगों से छिपाई गई हैं। यह साफ कर दूं कि संविधान पार्टी की देन नहीं है। भारत का संविधान भारत के लोगों, विचारों, उनके मूल्यों के अनुरूप बनाया गया दस्तावेज है।
वहीं, उन्होंने जम्मू-कश्मीर का नाम लिए बिना कहा कि देश में एक ऐसा राज्य भी था, जहां संसद के कानून और संविधान लागू नहीं होता था। हमने वहां पर सब लागू किया और उस राज्य को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाया। अब वहां पर चुनाव भी हुआ और रिकॉर्ड मतदान हुआ। हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई।
राजनाथ सिंह ने इस दौरान शाहबानो केस का जिक्र किया और कहा कि शाहबानो का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिम महिलाएं भी गुजारा भत्ता पाने की हकदार हैं। लेकिन तुष्टिकरण के रास्ते पर चलते हुए कांग्रेस सरकार ने इस जजमेंट को ही पलट दिया। जब कांग्रेस के लोग जो हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करते आए हैं और अब विपक्षी नेता जब मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं तो हंसी आती है।
डर फैला रही बीजेपी- प्रियंका गांधी
वहीं, शुक्रवार को सदन में वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहली बार भाषण दिया और संविधान को “संघविधान” या संघ की नियम पुस्तिका बनाने के लिए बीजेपी पर निशाना साधा। संभल हिंसा और उन्नाव बलात्कार मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने सत्तारूढ़ सरकार पर “डर” फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि संविधान लोगों को उत्पीड़न का सामना करने और लड़ने का साहस देता है। कांग्रेस नेता ने कहा था कि देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है। इस समय देश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर हैं।