नई दिल्ली: इस साल सावन का महीना 4 जून से शुरु हो चुका है। सनातन धर्म में सावन मास का विशेष महत्व है। हर सनातनी और भोले भक्त को इस महीने का इंतजार रहता है। सावन की शुरुआत होते ही भगवान भोले की नगरी में शिव भक्तों का तांता लगा रहता है। सावन में श्रद्धालु शिवालयों में दर्शन पूजन और रुद्राभिषेक, जलाभिषेक करते हैं। वहीं हर सोमवार को कुवांरी कन्याएं व्रत रहती हैं जिससे उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने से भगवान शिव शंकर अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
सावन के चौथे सोमवार पर शुभ योग
इस बार सावन माह में अधिक मास भी पड़ रहा है, जिसके कारण सावन 59दिनों तक रहेगा। सावन का अधिक मास 18जुलाई से शुरू हो चुका है जो 16अगस्त तक रहेगा। साथ ही इस बार सावन के पवित्र महीने में 8सोमवार पड़ेंगे। सावन के तीन सोमवार बीत चुके हैं। 31जुलाई को पड़ने वाले चौथे सोमवार को बेहद शुभ योग बन रहे हैं। चलिए हम आपको बताते हैं कि इस दिन की पूजा विधि और रुद्राभिषेक का शुभ मुहूर्त।
रुद्राभिषेक का शुभ समय
सावन के चौथे सोमवार पर रुद्राभिषेक के लिए शिववास भी है। सोमवार 31जुलाई को शिववास प्रातः काल से लेकर सुबह 7बजकर 26मिनट तक रहेगा। भगवान शिव शंकर का रुद्राभिषेक करने के लिए शुभ समय सुबह 7बजकर 26मिनट तक ही रहेगा। इस दिन शिववास नंदी पर है।
सोमवार का शुभ योग और मुहूर्त
इस बार सावन के चौथे सोमवार पर रवि योग बन रहा है। इस दिन रवि योग सुबह 05बजकर 42मिनट से लेकर शाम 06बजकर 58मिनट तक रहेगा। इसके अलावा विष्कम्भ योग सुबह से रात 11बजकर 05मिनट तक रहेगा। इसके बाद प्रीति योग शुरू हो जाएगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार रवि और प्रीति योग को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन सावन अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। इस तिथि के स्वामी स्वयं भगवान शिव हैं। इस दिन सिंह राशि में शुक्र और बुध ग्रह की युति रहेगी, जिससे लक्ष्मी-नारायण नाम का शुभ योग बनेगा। सिंह राशि में ही मंगल ग्रह भी रहेगा। सिंह राशि में 3ग्रह (बुध, मंगल और शुक्र) एक साथ होने से त्रिग्रही योग बनेगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
– सुबह 9:17से 10:55तक
– दोपहर 12:07से 12:59तक
– दोपहर 2:11से 3:49तक
– शाम 5:27 से 7:05 तक