नई दिल्ली:स्वामी विवेकानंद की आज पुण्यतिथि है। उनका जन्म12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था।विवेकानंद के बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। उन्हें स्वामी विवेकानंद नाम उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस ने दिया था।
विवेकानंद ने की रामकृष्ण मिशन की स्थापना
स्वामी विवेकानंद नेअमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मलेन में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। साथ ही उन्होंने वेदांत दर्शन का प्रचार-प्रसार पुरे विश्व में किया। विवेकानंद ने समाज के सेवा कार्य के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
स्वामी विवेकानंद के उपदेश
1. उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।
2.सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।
3. बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप हैं।
4. ख़ुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है।
5. विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहां हम खुद को मज़बूत बनाने के लिए आते हैं।
6. ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हांथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।
7. तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नही है।
8. दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।
9. शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु हैं। विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु हैं। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु हैं।
10. किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आए-आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।