नई दिल्ली: जैसा कि आप जानते हैं कि देश क्या पूरी दुनिया में सर्वाइकल कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार,2020 के दौरान दुनियाभर में लगभग604 000 नए मामले और 342 000 मौतों के साथ सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर है। आए दिन बढ़ती हुई इस बीमारी को लेकर चिंतित लोगों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, देश को देश को देश में ही निर्मित सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन मिल गई है जिसका नाम है CERVAVAC।
लैब के निर्देशक ने दी जानकारी
यह वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित पहली स्वदेशी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीन है जो केंद्रीय ड्रग्स लेबोरेटरी (CDL) कसौली के मानकों पर खरी उतरी है। देश के लिए इतनी बड़ी खुशखबरी की जानकारी इस बारे में लैब के निर्देशक सुशील साहू ने जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में सफल परीक्षण के बाद CDL ने सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन को ग्रीन सिग्नल दे दिया है।वैक्सीन को ड्रग्स कंट्रोलर जरनल ऑफ इंडिया (DCGAI) से मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश के कसौली में स्थित केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला में कंपनी ने बीते सप्ताह 3 बैच परीक्षण के लिए भेजे थे। इन 3 बैच में लगभग 70 हजार डोज थी, जिनकी क्वालिटी और कंट्रोल का टेस्ट किया गया।
इससे पहले भी स्वदेशी वैक्सीन हो चुका है लॉन्च
ज्ञात हो कि इससे पहले बालिका दिवस के मौके गृहमंत्री अमित शाह ने सर्वाइकल कैंसर के लिए पहली स्वदेशी वैक्सीन को लॉन्च किया था। ह्यूमन पेपिलोमा वायरस की इस वैक्सीन को सीरम इंस्टीट्यूट, डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (DBT), बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से बनाया गया। वैक्सीन बनने में करीब 6 से 7 साल लगे।
क्या है सर्वाइकल कैंसर
सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)महिलाओं में होने वाला कैंसर है। यह कैंसर यौन संचारित वायरस एचपीवी के संक्रमण के कारण होता है।यह कैंसर यूट्रस के सबसे निचले भाग सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) की सतह पर शुरू होता है, इसलिए इसेसर्वाइकल कैंसरकहा जाता है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं-स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और एडेनोकार्सिनोमा। लगभग 80% से 90% सर्वाइकल कैंसर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, बाकी 10% से 20% एडेनोकार्सिनोमा होते हैं।