जम्मू: कहते हैं जो बहादुरी इंसान को निडर बना देती है। निडर व्यक्ति को मौत का खौफ नहीं रहता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला है जम्मू कश्मीर के राजौरी में हुए हमले में 4 लोगों की मौत के बाद एक स्थानीय व्यक्ति जिसने अकेले आतंकियों पर फायरिंग कर उन्हें भागने के लिए मजबूर कर दिया। ऐसी कहानी जो सबको प्रेरित करेगी।
अकेले ही लिया आतंकियों से लोहा
इन हमलों में 6 हिंदुओं की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। जब आतंकी तीन घरों में मौत का तांडव मचाकर चौथे घर में हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तभी एक युवक बाहर निकला और बहादुरी दिखाते हुए उसने आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक जवाबी फायरिंग देखकर आतंकियों भागने को मजबूर हो गए।
वीडीसी के सदस्य हैं बालकृष्ण
बालकृष्ण के हाथ में विलेज डिफेंस कमेटी सदस्य की बंदूक थी। उन्होंने आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी। आतंकी दबे पैर भाग खड़े हुए। पूर्व एमएलसी विबूद गुप्ता ने बताया कि जब बालकृष्ण ने फायरिंग की, तभी आतंकी भागे। आतंकियों को लगा कि ये फायरिंग सुरक्षाबलों ने की है।
24 घंटे में हुए दो हमले
राजौरी में 24 घंटे के अंतराल में दो हमले हुए। रविवार को हुई फायरिंग में 4 हिंदुओं की मौत हो गई। इसके अगले दिन जब गांव के लोग हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, तभी यहां आईईडी ब्लास्ट हो गया। इसमें 2 बच्चों की मौत हो गई। जबकि 6 लोग जख्मी हो गए।