Corona Crisis Update: भारत समेत पूरी दुनिया नए साल के (New Year 2023) जश्न में सराबोर है। नए साल पर लोग अपने-अपने तरीके से खुशियां मना रहे हैं। चीन समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना (Corona) का गंभीर असर देखा जा सकता है। संक्रमण की स्थिति के लिए विशेषज्ञ मुख्य रूप से ओमिक्रॉन के (BF.7) वेरिएंट को प्रमुख कारण मान रहे हैं।
243 मिले नए केस
बीते 24 घंटों में 243 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई। वैश्विक खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगों से लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहने की अपील की जा रही है। भारतीय सरकारों ने प्रसार को रोकने के लिए आज से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए (RTPCR) को अनिवार्य कर दिया।
अगले 40 दिन बेहद महत्वपूर्ण
बता दे कि, हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विशेषज्ञों ने अगले डेढ़ महीने तक लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। सरकारी अधिकारियों ने लोगों को आगाह किया है कि अगले 40दिनों में देश में कोरोना के मामलों में उछाल देखा जा सकता हैं। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल (Corona Protocol) का पालन करते रहना और टीकाकरण (Corona Vaccination) को बढ़ाना बहुत आवश्यक है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनवरी के महीने में देश में कोरोना की चौथी लहर आ सकती है?कुछ स्थितियां इस जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती हैं, आइए इस बारे में समझते हैं।
कैसा होगा चौथी लहर का असर
हालांकि, चीन में इस भिन्नता के तेजी से फैलने के कारण शोधकर्ताओं का अनुमान है कि भारत में कोरोना की ताजा लहर नहीं आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्जन भारतीय लोगों को कम से कम नुकसान पहुंचाएगा। सबसे खराब स्थिति में इस भिन्नता के परिणामस्वरूप व्यक्तियों को एक या दो दिनों के लिए महत्वपूर्ण श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
कर्नाटक समेत कई राज्यों ने हवाई अड्डों पर यादृच्छिक नमूना परीक्षण और फेस मास्क नियम पेश किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में 39अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने कोविड-19के लिए सकारात्मक परीक्षण किया।