दीपावली हिंदू धर्म में बड़े ही हर्षो-उल्लास से मनाई जाती है। यह हिंदू धर्म के बड़े-बड़े त्योहारों में से एक है। जिसका नाम सुनते ही बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के चेहरों पर खुशी आ जाती है। दीपावली खुशिया पाने और बांटने का त्योहार होता है। इस दिन घर-घर मिठाई बांटी जाती है। इस दिन की तैयारियां तो एक हफ्ते पहले ही शुरू हो जाती है। दीपावली वाले दिन घर को रंगोली से सजाया जाता है। घर को दुल्हन की तरह तैयार किया जाता है। दीपावली वाले दिन दीये और मोमबत्ती से घरों में रौनक भी देखने वाली होती है।
क्या है दीपावली के पीछे की कहानी
दीपावली को लेकर कई मान्यताएं है। लेकिन आज हम जानेगें प्रभु श्रीराम से जुड़ी कथा की कहानी। दीपावली को लेकर मान्यता है, कि दीपावली प्रभु श्रीराम जी के 14 वर्ष के वनवास से वापिस आने की खुशी में मनाई जाती है। माता सीता का हरण करने वाले लंका के रावण को मारकर प्रभु श्रीराम जी जब अयोध्या वापिस लौटें तो लोगों ने घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया। बस तभी से हिंदू धर्म में दीपावली मनाई जाने लगी।
जानिए दीपावली का कब है शुभ मुहर्त
दीपावली के शुभ मुहर्त की बात करें तो दीपावली का मुहर्त 24 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 25 अक्टूबर शाम 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। वहीं मां लक्ष्मी की पूजा रात 7 बजकर 2 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 23 मिनट तक के बीच करने का शुभ मुहर्त है।
जानिए दीपावली के पूजा विधि-विधान के बारे में
दीपावली वाले दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबैर और गणेश जी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। दीपावली वाले दिन रात के समय पूजा के शुभ मुहर्त पर ही पूजा करें। पूजा की सामग्री के तौर पर जल,मौली, चावल, फल, गुड़, हल्दी, अबीर और गुलाल भी जरूर रखें। मंत्रों का उच्चारण करते हुए भगवान की आरती करें। और भगवान के सामने घी के दीये जलाकर रखें। उसके बाद भगवान को भोग लगाएं, और दीयों को घर के हर एक कौने में रखें। इसी के साथ एक बड़ा दीया मां लक्ष्मी जी की मुर्ति के सामने भी जरूर रखें। रात के वक्त सोते समय ऐसी मान्यता है कि घर के दरवाजे खुले रखने से मां लक्ष्मी स्वयं आपके घर पधारेगी।
रंगोली, दीये और मोमबत्ती से जगमग होंगे घर
दीपावली वाले दिन लोग घरों को दीये और मोमबत्ती जलाकर जगमग करते है। इसी के साथ घरों में दीपावली के अवसर पर रंगोली भी बनाई जाती है, और घरों को लड़ियों से भी सजाया जाता है।
(News By: Vanita)