देशभर में बडे शहरों से पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट. सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर दिशा- निर्देश जारी करने की मांग की गई है.वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने याचिका में कहा है कि कोरोना के चलते लॉकडाउन होने से हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने परिवार के साथ सैंकडों किलोमीटर पैदल चल रहे हैं.
बता दें की
इनमें बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और दिव्यांग भी शामिल हैं. उनके पास ना तो रहने की सुविधा है और ना ही खाने पीने व ट्रांसपोर्ट की. इसलिए सुप्रीम कोर्ट देश भर में प्रशासन को आदेश दे कि इन लोंगों को हर जगह शेल्टर होम में रखकर सुविधाएं दी जाएं.
देशभर में कोरोना वायरस के बड़ते कहर को देखते हुए सरकार ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया है. जिसके करण लोग परेशानभी हो रहे है और लोग शहरों से भाग कर अपने घर को जा रहे है. बतादें कीदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 870के पार चली गई है. जबकि अब तक इस वायरस से 20 लोगों की जान गई है. मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है.
लॉकडाउन का आज चौथा दिन है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मजदूरों का पलायन चिंता का सबब बन गया है. मजदूर पैदल ही अपने परिवार के साथ गृह राज्य लौट रहे हैं. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है, जिसमें मांग की गई है कि कोर्ट प्रशासन को आदेश दे कि इन लोंगों को हर जगह शेल्टर होम में रखकर तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.