लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून पर विपक्ष के रुख पर कहा कि जवाब देना मेरी संवैधानिक जिम्मेदारी है। एक बड़ी पार्टी की रैली हुई, घर के बाहर निकलो, यह आर आर पार की लड़ाई है, कहाँ गया, यह हेट स्पीच नहीं लगती आपको।
साथ ही साथ कहा कि इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर दंगे फैलाना बिना साजिश के संभव नहीं है। हमने इस एंगल की जांच के लिए साजिश का मामला दर्ज किया है। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हिंसा के वित्तपोषण के लिए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वहीँ दिल्ली हिंसा पर लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 22फरवरी को लगभग 60सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए और 26फरवरी को बंद कर दिए गए। पुलिस उनके पीछे लगेगी। नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया। मैं सदन को आश्वस्त करता हूं कि दिल्ली पुलिस इस घटना की गहन जांच करेगी। हमने दंगों को लापरवाही से नहीं लिया। प्रथम दृष्टया, मेरा मानना है कि दंगे पूर्व नियोजित थे। मैंने दंगा पीड़ितों के परिवारों को आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाएगा, वे किस धर्म, जाति या राजनीतिक दल के हैं।