नए साल पर इसरो चीफ के. सिवन ने एक प्रेसकांफ्रेंस कर के अपनी उपलब्धियों और आने वाला साल का टारगेट बताया है.
के. सिवन ने बताया कि चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर अभी बहुत अच्छा काम कर रहा है. इसके साथ उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु के थुथुकुडी में नया स्पेस पोर्ट बनेगा जिसकी वजह से जल्द ही देश के सभी मोबाइल में अपना पोजिशनिंग सिस्टम होगा. जीपीएस ससिस्टम को पुरे दुनिया में मान्यता देने वाली कंपनी संस्था 3-जिपीपीपी ने मान्यता दे दी है.
इसरो चीफ के. सिवन ने कहा कि चंद्रयान-3 को सरकारी अनुमति मिल गई है. चंद्रयान-3 एकदम चंद्रयान-2 जैसा होगा. लेकिन इसबार सिर्फ लैंडर-रोवर और प्रोपल्शन मॉडल होगा. इसमें ऑर्बिटर नहीं भेजेंगे, क्योंकि चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से इसमें मदद ली जाएगी. 2019 में गगनयान प्रोजेक्ट पर काफी काम हुआ है. 2020 पूरा का पूरा गगनयान के लिए चुने गए चार एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग में जाएगा. एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग रूस में होगी.