#RamNathKovind: ऐसा रहा भारतीय राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का परौंख से राजपथ तक का सफर

भारतीय राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद आज 1अक्टूबर को अपना 74वां जन्मदिवस मना रहे हैं। आज ही के दिन 1945को वह उत्तर प्रदेश कानपुर के परौंख नामक ग्राम में पैदा हुए थे। उनके पिता मैकूलाल कोविंद एक छोटी सी दुकान चला कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। जब रामनाथ कोविंद केवल 5साल के थे उनकी माता की जलने के कारण अकाल मृत्यु हो गयी। वह अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद जूनियर हाई स्कूल के लिए रोज़ गाँव से 8किमी पैदल चल कर विद्यालय जाते थे। उन्होंने डीएवी कॉलेज में कॉमर्स से स्नातक किया और एलएलबी की डिग्री भी हासिल की।

राम नाथ कोविंद ने 1971में दिल्ली के बार काउंसिल में एक वकील के रूप में दाखिला लिया। वह वर्ष 1977से वर्ष 1979तक दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के वकील थे। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सहायक के रूप में भी काम किया। उन्होंने 1993तक दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में वकील के रूप में प्रैक्टिस की। एक वकील के रूप में, उन्होंने नई दिल्ली के फ्री लीगल एड सोसाइटी के तहत समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं और गरीबों को नि: शुल्क सहायता प्रदान की।

1991में उन्होंने भाजपा पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। वह 1998और 2002के बीच भाजपा दलित मोर्चा के अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष रहे। 3अप्रैल 1994से 2अप्रैल 2006तक वह राज्य सभा के सदस्य रहे। 16अगस्त 2015से 20जून 2017तक बिहार राज्य के 26वें राज्यपाल के रूप में अपनी सेवा प्रदान की। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सेवा निवृत्त होने के बाद 14वें राष्ट्रपति के रूप में चुने गए। 25जुलाई 2017से वे इस देश के राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत हैं।

उनका जीवन और उनकी उपलब्धियां हमको यह प्रेरणा देती हैं कि आप भले एक झोपड़ी में पैदा हुए, ग़रीबी में पले बढ़े परन्तु अपनी मेहनत और लगन से आप किसी भी ऊंचाइयों को छू सकते हैं। आज उनके जन्मदिन पर देशवासियों की ओर से उनको बहुत बधाइयां और उनके जीवन के लिए बहुत सारी शुभकानाएं।

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