राहुल गाँधी मंगलवार को वायनाड के बाढ़ पीड़ित से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने कहा कि, केरल का मुख्यमंत्री मैं नहीं हूँ, केरल या केंद्र में हमारी सरकार नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है कि आपका अधिकार आपको दिया जाए।
बता दे कि, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करते हुए कहा कि, वायनाड के बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री मुहैया कराई जाय। साथ ही कहा मैं केरल का मुख्यमंत्री नहीं हूं, हमारे पास केरल या केंद्र में कोई सरकार नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है कि आपका अधिकार आपको दिया जाए। राहुल गाँधी ने एक राहत शिविर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने सेंट थोमस चर्च में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री दिया।
लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ से केरल को काफी नुकसानों का सामना किया है। केरल में बाढ़ के से 120 से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैं और दो लाख 87 हजार से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। केरल में बाढ़ के कारन 1654 राहत शिविर लगाए हुए है। वहीँ राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पर बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केरला के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, वायनाड के जिला प्रधान अधिकारी और अपने कांग्रेसी कार्यकर्त्ता से बात कर चुके है। वायनाड में लोक सभा के चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार राहुल गाँधी वायनाड दौरे पर गए।