भाजपा के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री का कार्यभार संभालने वाले अरुण जेटली का निधन हो गया है. उन्होंने आज दोपहर दिल्ली एम्स में 12 बजकर सात मिनट पर आखिरी सांस ली. जेटली एम्स में पिछले कई दिनों से भर्ती थे. एम्स में उन्होंने आखिरी सांस ली. जेटली को 10 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था.जेटली को 9 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था और उन्हें हीमोडायनामिक्स स्थिर घोषित किया गया था.
दरअसल 66 साल के जेटली को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत के बाद नौ अगस्त को एम्स लाया गया था.एम्स ने 10 अगस्त के बाद से जेटली के स्वास्थ्य पर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया था.जेटली ने खराब स्वास्थ्य के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था.
बता दें कि जेटली जब अस्पताल में भर्ती थे तो उनसे मिलने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, भाजपा सांसद मेनका गांधी, असम के राज्यपाल प्रो जगदीश मुखी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी एम्स पहुंचे थे