तीन तलाक बिल पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी है. मंगलवार को राज्यसभा में बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति को मंजूरी के लिए भेजा गया था. तीन तलाक बिल का कानून देश भर में 19 सितबंर, 2018से लागू हो गया.
दो दिन पहले बिल को लोक्सबह में पास कराया गया था जिसके बाद मंगलवार को इसे राज्यसभा में पेश किया गया था. बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े थे. जिसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया था.
इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल है.
तीन तलाक देने पर ये हैं प्रावधान
1. बिलकर, लिखकर या फिर किसी भी अन्य माध्यम से अगर पति अपनी पत्नी को तलाक बोलता है तो वोअपराध की श्रेणी में आएगा.
2.तीन तालक पर सिर्फ पति या फिर उसका करीबी रिश्तेदार ही केस दर्ज करा सकता है.
3. महिला अधिकार संरक्षण कानून 2019बिल के मुताबिक एक समय में तीन तलाक देना अपराध है. इसलिए पुलिस बिना वारंट के तीन तलाक देने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कर सकती है.
4. एक समय में तीन तलाक देने पर पति को तीन साल तक कैद और जुर्माना दोनों हो सकता है. मजिस्ट्रेट कोर्ट से ही उसे जमानत मिलेगी.
5. बिना पीड़िता का पक्ष सुने मजिस्ट्रेट पति को जमानत नहीं दे पाएंगे.
6. नए कानून में समझौते के विकल्प को भी रखा गया है. हालांकि पत्नी के पहल पर ही समझौता हो सकता है लेकिन मजिस्ट्रेट की ओर से उचित शर्तों के साथ.
7. तीन तलाक पर बने कानून में छोटे बच्चों की निगरानी और रखावाली मां के पास रहेगी.
8. तीन तलाक देने पर पत्नी और बच्चे के भरण पोषण का खर्च मजिस्ट्रेट तय करेंगे, जो पति को देना होगा.