राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर 17 विपक्षी सांसदों ने जल्दबाजी में कानून पारित करने पर चिंता जताई है. राज्यसभा के कामकाज पर सवाल उठाते हुए 14 विपक्षी पार्टियों के 17 नेताओं ने सभापति एम वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा है. जिसमें विपक्षी नेताओं ने चार मामले उठाए हैं. उन्होंने मोदी सरकार पर बिलों को जल्दबाजी में लाने का आरोप लगाया है. विपक्ष के सांसदों का आरोप है कि नए लोकसभा के गठन के बाद से कामकाज के नियम टूट गए हैं. सदस्यों को बिलों और संशोधनों का अध्ययन करने के लिए उचित समय नहीं दिया जा रहा है.
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक महत्व और लघु सूचनाओं के विषय पर चर्चा से भाग रही है. इस पत्र पर सबसे पहले कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के हस्ताक्षर हैं.
17 opposition MPs write to the Rajya Sabha Chairman, M Venkaiah Naidu over serious concern over the manner in which the Government is hurriedly passing legislations without any scrutiny by Parliamentary Standing or Select Committees. pic.twitter.com/1T7UKffc9F
ANI (@ANI) July 26, 2019
दरअसल विपक्ष के विरोध और हंमागे के बावजूद आरटीआई संशोधन विधेयक समेत करीब 14 बिल सदन में पेश किए जा चुके हैं. इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सरकार के अनुरोध पर मौजूदा लोकसभा का पहला सत्र सात अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अध्यक्ष से सदन की कार्यवाही को बढ़ाने का अनुरोध किया ताकि 20 से अधिक लंबित विधेयकों को पारित किया जा सके.