कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए रविवार को कहा कि स्पीकर को किसी विधायक को अयोग्य ठहराने का अधिकार नहीं है. येदियुरप्पा ने कहा, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के कारण अध्यक्ष को किसी को अयोग्य ठहराने का अधिकार नहीं है. येदियुरप्पा के इस टिप्पणी को कांग्रेस के डीके शिवकुमार के बयान के जवाब के रूप में देखा गया कि अगर बागी विधायक सरकार के खिलाफ वोट देते हैं तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 10 असंतुष्ट विधायकों की याचिकाएं लीं और स्पीकर केआर रमेश को निर्देश दिया कि वे 16 जुलाई तक अपने इस्तीफे और अयोग्यता पर यथास्थिति बनाए रखें. इससे पहले येदियुरप्पा ने दावा किया था कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार ने बहुमत खो दिया है. येदियुरप्पा ने कहा, मैं कुमारस्वामी को तुरंत इस्तीफा देने की सलाह दूंगा क्योंकि जेडीएस और कांग्रेस के 15 से अधिक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. दो स्वतंत्र मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया है और राज्यपाल से मुलाकात कर घोषणा की है कि वे भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करेंगे. इसलिए मुख्यमंत्री के पद पर रहने के लिए आपके पास बहुमत नहीं है.
एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष से विधानसभा के जारी सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट का सामना करने की अनुमति मांगी गई थी एचडा कुमारस्वामी. दरअसल कर्नाटक की गठबंधन सरकार पिछले साल अस्तित्व में आने के बाद से ही अस्थिर है. अब कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों को मिलाकर कुल 16 नेताओं के अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद एक बार फिर कर्नाटक सरकार पर गंभीर संकट गहराया है.