कांग्रेस महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को अपने क्षेत्र के सभी जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की।
बैठक के बाद कांग्रेस नेता संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने सबकी बात सुनी। सभी ने एक ही बात सामने रखी कि आगामी उपचुनाव में गठबंधन न हो। उपचुनाव और 2022के चुनाव में हम जीत दर्ज करेंगे ।
उन्नाव की पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहा कि लोकतंत्र में हार जीत स्वाभाविक है।
बैठक में जिलाध्यक्षों ने अपनी बात रखी और आगामी उपचुनाव के लिए रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।
संप्रग अध्यक्ष और अपनी मां सोनिया गांधी के साथ यहां के एक दिवसीय दौरे पर आयीं प्रियंका सुबह फुरसतगंज एयरपोर्ट पहुंचीं । वहां से सीधे भूएमऊ गेस्ट हाऊस गईं । इस दौरान रास्ते में कई जगह कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया । गेस्ट हाऊस पहुंचने के बाद प्रियंका गांधी ने अपने क्षेत्र के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की ।
लोकसभा चुनाव में विजयी होने के बाद सोनिया की अपने निर्वाचन क्षेत्र की यह पहली यात्रा है । सोनियाप्रियंका के हालांकि पड़ोस के संसदीय क्षेत्र अमेठी जाने की उम्मीद नहीं है, जहां से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव हार गये ।
हाल के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में अब तक की सबसे बुरी पराजय का मुंह देखना पड़ा है। प्रदेश की 80लोकसभा सीटों में से कांग्रेस केवल एक ही सीट (रायबरेली) जीत सकी ।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी में भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने शिकस्त दी। स्मृति ने राहुल को 55120मतों के अंतर से पराजित किया ।
रायबरेली सीट पर जीत के बाद सोनिया ने अपने संसदीय क्षेत्र की जनता को भावुक खत लिखा था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सपा, बसपा और स्वाभिमान दल को भी अपनी जीत में योगदान के लिए धन्यवाद दिया ।
रायबरेली की जनता को लिखे खत में सोनिया ने कहा, आपने एक बार फिर मुझमें विश्वास जताया, इसके लिए मैं सच्चे मन से आभारी हूं…आप मेरा परिवार हैं, आपसे मुझे जो संबल और हौसला मिलता रहा है, वही मेरी असली धरोहर है। मैंने इस वृहद परिवार का हर तरह से ख्याल रखने का हमेशा प्रयास किया है…आगे भी इसमें कमी नहीं आने दूंगी ।
सोनिया ने अपने पत्र में देश के बुनियादी मूल्यों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व कुर्बान कर देने की बात भी कही। उन्होंने लिखा, आने वाले दिन और मुश्किल भरे हैं, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि आपके समर्थन और विश्वास की ताकत से कांग्रेस हर चुनौती को पार कर लेगी।
उन्होंने लिखा, लड़ाई कितनी ही लंबी हो, मैं आपको वचन देती हूं कि देश के बुनियादी मूल्यों की रक्षा के लिए, कांग्रेस के पूर्वजों की परंपरा का पालन करते हुए मैं भी अपना सर्वस्व कुर्बान करने में कभी पीछे नहीं हटूंगी।
भाषा