लोकसभा चुनाव की समाप्ती पर मंगलवार को ईवीएम में गड़बड़ी होने की आशंका और वीवीपीएटी के मुद्दे पर कांग्रेस, एसपी, बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस समेत 22 विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से समक्ष ये मांग रखी कि 23 मई को मतगणना शुरू होने से पहले बिना किसी क्रम के चुने गए पोलिंग स्टेशनों पर वीवीपीएटी पर्चियों की जांच की जाए। उधर, चुनाव आयोग ने बयान जारी कर स्ट्रांगरूम्स में रखे गए EVMs की सुरक्षा को लेकर जाहिर की जा रही तमाम आशंकाओं को खारिज कर दिया है।
विपक्षी दलों ने कहा है कि अगर किसी एक बूथ पर भी वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान सही नहीं पाया जाता तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र में सभी मतदान केंद्रों की वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जाए और इसकी EVM रिजल्ट्स से मिलान किया जाए। EC अधिकारियों से मुलाकात के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पत्रकारों से कहा, हमने मांग की है कि वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान पहले किया जाए और अगर कोई गलती मिले तो उस क्षेत्र में सभी की गिनती होनी चाहिए।
EC ने कहा, स्ट्रांगरूम्स में EVM सुरक्षित
उधर, चुनाव आयोग ने बयान जारी कर मंगलवार को कहा कि स्ट्रांगरूम्स में EVMs पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इसके साथ ही आयोग ने चुनावों में इस्तेमाल वोटिंग मशीनों की अदला-बदली के आरोपों को भी खारिज कर दिया है। तमाम आरोपों और शिकायतों पर आयोग ने कहा कि वह साफ कर देना चाहता है कि ऐसी रिपोर्टें पूरी तरह से झूठी और गलत हैं।
कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कई महीनों से चुनाव आयोग से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद अब EC ने कहा है कि वह इस मामले पर बुधवार को बैठक करेंगे। TDP सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने कहा, हमने EC से जनादेश का सम्मान करने को कहा है। BSP नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि EVM को लेकर यूपी में बड़े पैमाने पर धांधली हो सकती है इसलिए हमने केंद्रीय बलों की मांग की है।
विपक्षी नेताओं ने कई स्थानों पर स्ट्रांगरूम से ईवीएम के कथित स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की भी मांग की। इससे पहले विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में बैठक की थी। मंगलवार को चुनाव आयोग को सौंपे गए 22दलों के मेमोरैंडम पर जिन प्रमुख विपक्षी नेताओं ने हस्ताक्षर किए, उनमें शामिल हैं-
कांग्रेस नेता अहमद पटेल, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, अभिषेक मनु सिंघवी, राज बब्बर, और TDP के चंद्रबाबू नायडू, SP के राम गोपाल यादव, CPI-M से सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओ ब्रायन, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा एवं दानिश अली, DMK से कनिमोई, RJD से मनोज झा, NCP से प्रफुल्ल पटेल एवं माजिद मेमन, HAM से रजनीश कुमार आदि।