बंगाल ने समय से पहले प्रचार ख़त्म होने पर विपक्ष ने उठाये EC पर सवाल, कहा- पीएम की रैली के बाद प्रचार पर रोक क्यों?

पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के मद्देनजर चुनाव आयोग ने फैसला लिया था जिसमें यह कहा गया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार 17 मई की जगह 16 मई की रात दस बजे तक ख़त्म हो जायेगा. चुनाव आयोग के इस फैसले से विपक्षी नेता भड़के हुए हैं.उनका कहना है कि चुनाव प्रचार तय सीमा से पहले खत्म करना था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली खत्म होने तक का इंतजार क्यों किया गया?

बंगाल में सातवें चरण में 19 मई को 9 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. पहले से तय नियम के मुताबिक प्रचार 17 मई की शाम को खत्म होना था. लेकिन चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक प्रचार आज रात (16 मई) 10 बजे तक ही किया जा सकता है.

चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी, कांग्रेस नेता अहमद पटेल, सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी समेत कई नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है.

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की ऐसी कोई समस्या नहीं है कि अनुच्छेद 324 लागू किया जाए. यह अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक है. यह दरसअल मोदी और अमित शाह को उपहार है. उन्होंने कहा, पहले कभी इस तरह का चुनाव आयोग नहीं देखा जो आरएसएस के लोगों से भरा पड़ा है.

मायावती ने दिया ममता का समर्थन

बसपा सुप्रीमो मायावती ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए दिखाई दी. मायावती ने कहा कियह साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और अन्य नेता ममता बनर्जी को निशाना बना रहे हैं. यह प्लान के तहत किया जा रहा है. यह खतरनाक है.

मायावती ने आगे कहा, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में प्रचार पर रोक लगाया, लेकिन आज रात 10 बजे से. क्योंकि प्रधानमंत्री की दिन में दो रैलियां हैं. अगर उन्हें प्रतिबंध लगाना था तो आज सुबह से क्यों नहीं लगाया गया? यह अनुचित है और चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है.

ममता के धुर विरोधीयेचुरी ने भी किया विरोध

वहीँ ममता बनर्जी के धुर विरोधी माने जाने सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी का कहना है कि बीजेपी और तृणमूल पार्टी पर रोक लगाने के बजाय चुनाव आयोग ने प्रचार पर ही रोक लगा दी. चुनाव आयोग का यह फैसला समझ से परे है.

कांग्रेस ने भी उठाया सवाल

इस मामले में कांग्रेस भी पीछे नहीं हटी. कांग्रेस के नेता अहमद पटेल ने कहा कि अगर बंगाल में स्थिति इतनी ही खराब है तो चुनाव प्रचार तुरंत रोक देना चाहिए. आखिर चुनाव आयोग कल तक का इंतजार क्यों कर रहा है. क्या ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कल प्रधानमंत्री की रैलियां होनी हैं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *