पीरियड को लेकर लोगों के मन में कई भ्रम हैं जिसकी सच्चाई बहुत ही कम लोगों को पता है.बहुत से व्यक्ति ऐसे हैं, जो पीरियड के बारे में परंपरा और कथाओं के हवाले से कपोल-कल्पित बातें करते हैं, जिनका कोई आधार नहीं हैं. चलिए आज कुछ ऐसे ही पीरियड मिथ आपको बताते हैं और बताते हैं उनकी सच्चाई -:
पहला मिथ: पीरियड में गंदा खून निकलता है
सच: पीरियड में निकलने वाला रक्त नसों में बहने वाले खून से अलग होता है। यह सौ प्रतिशत सच है, लेकिन यह गंदा नहीं होता है। यौनी से निकलने वाला खून, वेजाइना के टिश्यू, सेल्स, एस्ट्रोजन हार्मोन के कारण बच्चेदानी में जो खून और प्रोटीन की परत बनती है, उसके टुकड़े खून के रूप में बाहर निकलते हैं। बच्चेदानी में जमा यह रक्त पीरियड के दौरान बाहर निकल जाता है, क्योंकि यह शरीर के लिए गैरजरूरी होता है।
दूसरा मिथ: अचार छूने से खराब होता है
सच: पीरियड के दौरान महिला अचार छू ले तो वह खराब हो जाता है। ऐसी मान्यता काफी समय से है, लेकिन यह गलत है। दरअसल, अचार तब खराब होता है जब कोई गीले हाथों से उसे छू ले।
तीसरा मिथ: पीरियड के दौरान महिला प्रेग्नेंट नहीं हो सकती
सच: पीरियड के दौरान गर्भाधारण की गुंजाइश कम होती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि महिला पीरियड के समय प्रेग्नेंट नहीं हो सकती। सेक्स के दौरान अगर स्पर्म वजाइना के अंदर रह जाए, तो अगले सात दिनों तक प्रेग्नेंसी के चान्सेस होते हैं।
चौथा मिथ: पीरियड के दौरान कसरत नहीं करनी चाहिए
सच: यदि किसी महिला को प्रतिदिन एक्सरसाइज की आदत है तो वह पीरियड में भी बिना किसी चिंता के एक्सरसाइज कर सकती है। इससे कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा होता है, क्योंकि पीरियड के दौरान होने वाले पेट दर्द में इससे राहत से मिलती है। एक्सरसाइज से जो पसीना निकलता है वह महिला के दर्द को कम करता है।