विपक्षी दलों के गठबंधन को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा राजनीतिक सर्कस बताए जाने पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि महागठबंधन को मोदीजी के बिखरते हुए महाठगबंधन से कोई ज्ञान लेने की ज़रुरत नहीं है. जिन पार्टियों ने प्रधानमंत्री मोदी जी का साथ दिया था वो अब डूबते हुए जहाज को छोड़कर भाग रही हैं.
उन्होंने जेटली के ब्लॉग को हवाला देते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी के वित्त मंत्री उर्फ बोगस ब्लॉगर को यह तय करना चाहिए कि वह महागठबंधन से जुड़ी बहस के किस पहलू की तरफ हैं. अगर भाजपा महामिलावट वाले रुख के साथ है तो फिर उसकी दलील में दम नहीं है क्योंकि अब राजग में 30 दल हैं और 2014 के चुनाव के समय 42 पार्टियां इसमें शामिल थीं. क्या जेटली इसे भी महमिलावटी कहेंगे?
उन्होंने कहा,अगर भाजपा का यह रुख है कि गठबंधन राष्ट्रहित में होने चाहिए तो भी हमें इस पर ध्यान देना चाहिए कि भाजपा और उसके सहयोगी दल एक दूसरे से कैसे व्यवहार करते हैं. सुरजेवाला ने दावा किया, भाजपा के गठबंधन राजनीतिक अवसरवाद पर आधारित हैजबकि कांग्रेस का गठबंधन समान विचारधारा पर आधारित है. गौरतलब है कि महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए वित्त मंत्री जेटली ने शुक्रवार को कहा कि महागठबंधन में कोई बंधन नहीं है और यह राजनीतिक सर्कस है.
भाषा