अहमदाबाद : पटेल अनामत आंदोलन के नेता और हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हार्दिक पटेल की लोकसभा चुनाव लड़ने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। गुजरात हाईकोर्ट ने 2015 में मेहसाणा में दंगा फैलाने के केस में हार्दिक पटेल को हुई सजा निरस्त करने की याचिका खारिज कर दी है। हार्दिक को पिछले साल 25 जुलाई को एक स्थानीय अदालत ने दो साल के साधारण कारवास की सजा सुनाई थी। उन पर जुर्माना भी लगाया गया था।
Gujarat High court rejects Congress leader Hardik Patels plea seeking suspension of his conviction in a rioting case of 2015 in Mehsana. As per the Representation of the People Act, 1951, Hardik Patel wont be able to contest the upcoming Lok Sabha Election due to his conviction pic.twitter.com/qmiuGwHMa3
ANI (@ANI) March 29, 2019
नियम के मुताबिक दो साल या इससे अधिक की सजा वाले लोग चुनाव नहीं लड़ सकते। इसी वजह से हार्दिक ने आठ मार्च को एक बार फिर गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था। उनके वकील रफीक लोखंडवाला ने बताया कि हार्दिक ने अदालत में एक अर्जी दी है जिसमें विसनगर की अदालत की सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया गया है। ताकि हार्दिक के चुनाव लड़ने में परेशानी न हो या उन्हें अयोग्य न ठहराया जा सके।
बताते चलें कि जनप्रतिनिधि कानून-1951 (Representation of Peoples Act) के अनुसार दोषी साबित होने की वजह से हार्दिक पटेल इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे.