आज यानि गुरुवार को पीएम मोदी मेरठ में एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उस दौरान उन्होंने सपा-रालोद-बसपा गठबंधन को सराब कहकर संबोधित किया. जिसके बाद विपक्षी दलों का पलटवार शुरु हो गया है. इसी क्रम में पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री को सराब और शराब का अंतर बताते हुए पीएम मोदी और शाह पर कड़ा हमला बोला. और उन्होंने मोदी और शाह की जोड़ी को नशा करार दिया.
इतना ही नहीं, अब इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए सपा के प्रवक्ता ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने भी पीएम मोदी के इस बयान पर तीखा प्रहार करते हुए लिखा कि लिखा कि हिंदुस्तान को नशा मुक्त बनाना है. आपको बता दें, सपा प्रवक्ता ने इस ट्वीट के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए नरेंद्र मोदी के न और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के शा को मिलाते हुए दोनों की जोड़ी को नशा बताया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ की रैली में सपा के स, रालोद के रा और बसपा के ब को मिलाकर तीनों दलों के गठबंधन को सराब बताते हुए कहा कि यह आपको (जनता को) बर्बाद कर देगा. पीएम मोदी अपने भाषण के जरिए सराब को शराब बताने की कोशिश कर रहे थे जो सेहत के लिए हानिकारक है.
सबसे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार करते हुए ट्वीट में लिखा कि सराब और शराब अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफ़रत के नशे को बढ़ावा देते हैं. सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो भाजपा 5 साल से दिखा रही है.
अखिलेश यादव के इस पलटवार को एक कदम और आगे ले जाते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने अपने ट्वीट में एक तस्वीर साझा की जिसमें लिखा है हिंदुस्तान को नशा मुक्त बनाना है. इस तस्वीर में नरेंद्र मोदी के न और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के शा को मिलाते हुए दोनों नेताओं की जोड़ी को नशा बताया गया है.
इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से विपक्षी दलों के गठबंधन को सराब बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी. सुरजेवाला ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोकतंत्र की मर्यादा का हनन करते हुए विपक्षी दलों के लिए गालियों का प्रयोग करते हैं.
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि लोकतांत्रिक दलों के गठबंधन को सराब बताना प्रजातांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ है. इसके साथ ही सुरजेवाला ने कहा था सत्ता और अहंकार का नशा है जो शराब के नशे से भी ज्यादा होता है.
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रचार अभियान की शुरूआत मेरठ से की. इस रैली में पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. तो प्रधानमंत्री के बयान पर चौतरफा पलटवार भी देखने को मिला. अभी लोकसभा चुनाव की शुरूआत भर है और सियासी बयानबाजी चरम पर है. पिछले विधानसभा चुनावों बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की ओर से कांग्रेस-सपा-बसपा को कसाब की संज्ञा देना काफी चर्चा में था.
भाषा