‘यासिन’ के संगठन JKLF पर लगा ‘प्रतिबंध’

नई दिल्ली : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अलगाववादियों के खिलाफ कड़े कदम के तहत यासीन मलिक के संगठन जेकेएलएफ पर प्रतिबंध लगा दिया है। जेकेएलएफ के खिलाफ यह कार्रवाई आतंकी विरोधी कानून के तहत की गई है। कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक भारत में पाकिस्तान के मोहरे हैं जो कश्मीर में अलगाव और आतंक फैलाने के लिए उनके इशारे पर कार्य करते हैं।

Central government bans Separatist Yasin Malik led Jammu Kashmir Liberation Front. pic.twitter.com/W9R2NrdOFj
ANI (@ANI) March 22, 2019

केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा ने कहा है कि, केंद्रीय सरकार ने आज जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (यासीन मलिक गुट) को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत गैरकानूनी घोषित किया है। यह कार्रवाई सरकार द्वारा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस के तहत की गई है।

Union Home Secretary Rajiv Gauba: Central govt has today declared Jammu Kashmir Liberation Front (Yasin Malik faction) as unlawful association under Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967. This is in accordance with policy of zero tolerance against terrorism followed by govt. pic.twitter.com/AmibBNpEQg
ANI (@ANI) March 22, 2019

राजीव गाबा के अनुसार, यासीन मलिक की अगुवाई में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने घाटी में अलगाववादी विचारधारा को जन्म दिया है और यह 1988 से अलगाववादी गतिविधियों और हिंसा के मामले में सबसे आगे है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जेकेएलएफ के खिलाफ 37 एफआईआर दर्ज की हैं। हत्या के मामले सहित दो मामले आईएएफ कर्मियों द्वारा सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी एक मामला दर्ज किया है जिसकी जांच चल रही है।

Union Home Secretary Rajiv Gauba: 37 FIRs have been registered by Jammu and Kashmir Police against JKLF. Two cases including the case of murder IAF personnel were registered by CBI. National Investigation Agency (NIA) has also registered a case which is under investigation. https://t.co/fHVpvQsN4F
ANI (@ANI) March 22, 2019

ग़ौरतलब है कि इससे पहले 28 फरवरी को केंद्र की मोदी सरकार ने जमात-ए-इस्लामी (जेईआइ) पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। इसके तहत गृह मंत्रालय की कार्रवाई में जेईआइ के प्रमुख हामिद फैयाज सहित 350 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।

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