पटना: बिहार में एक तरफ जहां सियासी घमासान रूकने का नाम नहीं ले रही है वहीं दूसरी तरफ बीजेपी से अलग होने के बाद नीतीश कुमार और भाजपा नेताओं के बीच तंज कसने की सिलसिला जारी है। ज्ञात हो कि आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथी है, इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक बयान सामने आया है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए मौत को तरजीह देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव को भाजपा से हाथ मिलाने के लिए बरगलाया गया था। कुमार ने भाजपा की स्थिति के जवाब में बयान दिया कि वह जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
कुमार ने कहा, मैं भाजपा में नहीं गया था, लेकिन उनके नेता बार-बार मेरे पास आए और उनके साथ सरकार बनाई। अब जब हम महागठबंधन के साथ हैं, तो वे गठबंधन को भड़काने के लिए बातें कर रहे हैं।
उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि 2024 के चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने तेजस्वी यादव की ओर इशारा किया और कहा कि बाद के पिता फंस गए थे। उन्होंने उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया और मुझे आगे बढ़ाया। बहुत कोशिश करके हमने बीजेपी से नाता तोड़ लिया और साथ आ गए. अब, वे कुछ टिप्पणियां करके हमारे बीच चीजों को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, कुमार ने कहा कि ऐसी बातों से भाजपा को ही नुकसान होगा।
दूसरी तरफ भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख संजय जायसवाल ने 29 जनवरी को कहा कि पूरे बिहार के भाजपा सदस्यों को आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया था कि अलोकप्रिय मुख्यमंत्री के साथ फिर से गठबंधन करने की कोई चर्चा नहीं हुई थी। उत्तर बिहार के दरभंगा क्षेत्र में पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी के सम्मेलन के बाद उन्होंने यह दावा किया।
भाजपा नेता ने कहा, हमने अपने पार्टी कैडर के बीच इस तरह के पुनर्गठन के बारे में अफवाहों पर मुहर लगाने की कोशिश की है। बेशक, सीएम में पेंडुलम की तरह दोलन करने की प्रवृत्ति है। लेकिन हम फिर से उनके साथ नहीं जा रहे हैं।